व्यापार की शर्तें बनाम व्यापार संतुलन: कीमत और व्यापार-मूल्य का अंतर
समझें कि निर्यात और आयात के मूल्य सूचकांक व्यापार संतुलन से कैसे अलग हैं, और उनसे अधिशेष, घाटा या मुद्रा की दिशा क्यों तय नहीं होती
इस गाइड मेंसंक्षिप्त उत्तर: ये दो अलग सवालों के जवाब हैं
संक्षिप्त सारांश
व्यापार की शर्तें निर्यात और आयात की कीमतों के अनुपात को मापती हैं। व्यापार संतुलन एक अवधि में निर्यात और आयात के कुल मूल्यों का अंतर है। एक सूचकांक कीमतों का तुलनात्मक संकेत देता है; अकेले वह व्यापार अधिशेष, घाटा, घरेलू कल्याण या मुद्रा की अगली चाल नहीं बताता।
संक्षिप्त उत्तर: ये दो अलग सवालों के जवाब हैं
व्यापार की शर्तें, जिन्हें अंग्रेज़ी में terms of trade या संक्षेप में ToT कहते हैं, पूछती हैं कि निर्यात की कीमतें आयात की कीमतों के मुकाबले कैसी बदली हैं। व्यापार संतुलन पूछता है कि एक तय अवधि में निर्यात का कुल मूल्य आयात के कुल मूल्य से कितना अधिक या कम था। पहला अनुपात-आधारित मूल्य सूचकांक है; दूसरा मुद्रा में व्यक्त शुद्ध प्रवाह है। दोनों का नाम एक ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ा है, लेकिन उनकी इकाइयाँ और गणना अलग हैं।
यदि कोई खबर कहती है कि किसी अर्थव्यवस्था की व्यापार की शर्तें सुधरीं, तो उससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि उसने निर्यात से आयात से अधिक कमाया। बेहतर सापेक्ष कीमतें और बड़ा आयात बिल साथ-साथ हो सकते हैं। इसी तरह, व्यापार घाटा अपने-आप यह नहीं बताता कि निर्यात की कीमतें आयात की कीमतों के मुकाबले गिरीं या बढ़ीं। कीमत के अनुपात और खरीदी-बेची गई मात्रा को अलग रखकर पढ़ना चाहिए।
इस भेद से सुर्खियों को पढ़ना आसान होता है। ToT कीमतों की दिशा और निर्यात से आयात खरीदने की संभावित क्षमता पर रोशनी डालता है। व्यापार संतुलन कुल लेन-देन मूल्यों का लेखा है। किसी एक को दूसरे का विकल्प मानने से अधिशेष, घाटे और क्रय-शक्ति के बारे में गलत बात निकल सकती है।
व्यापार की शर्तों का सूचकांक क्या मापता है
आम तौर पर व्यापार की शर्तें निर्यात मूल्य सूचकांक को आयात मूल्य सूचकांक से भाग देकर निकाली जाती हैं। जब दोनों सूचकांकों का संदर्भ काल समान हो और उसी काल को 100 बनाया गया हो, तो ToT सूचकांक का रूप होता है: 100 × निर्यात मूल्य सूचकांक ÷ आयात मूल्य सूचकांक। कुछ प्रकाशन इसी संबंध को आधार 1 वाले अनुपात में दिखाते हैं। अंकन का तरीका बदल सकता है, पर तुलना निर्यात कीमतों और आयात कीमतों के बीच ही रहती है। {source:imfExportImportPriceIndexManual} {source:oecdTermsOfTradeIndicator}
100 का आधार केवल चुने गए संदर्भ काल से बनता है। उस काल में निर्यात और आयात सूचकांक दोनों 100 हों, तो उनका अनुपात भी 100 होगा। इसका मतलब यह नहीं कि निर्यात बराबर हैं, व्यापार संतुलित है या आयात-निर्यात की मात्रा समान है। आधार अंकगणितीय संदर्भ है, कोई आर्थिक सीमा नहीं जिसके ऊपर अधिशेष और नीचे घाटा हो।
सूचकांक से यह भी मालूम नहीं होता कि कुल व्यापार का मूल्य कितना है। उदाहरण के लिए, दो अर्थव्यवस्थाओं का ToT 109 हो सकता है, जबकि उनके निर्यात और आयात के कुल आकार बहुत अलग हों। सूचकांक सापेक्ष मूल्य में बदलाव को एक तुलनीय पैमाने पर रखता है; यह डॉलर, रुपये या किसी अन्य मुद्रा में व्यापार का कुल हिसाब नहीं देता।
आधार 100 और समय के साथ बदलाव को पढ़ें
आधार काल से तुलना और पिछली अवधि से तुलना अलग सवाल हैं। अगर आज ToT 107 है, तो वह 100 वाले संदर्भ काल की तुलना में ऊपर है। लेकिन पिछली रीडिंग 110 थी, तो सूचकांक 110 से 107 पर गिरा है और पिछली रीडिंग के मुकाबले सापेक्ष कीमतें खराब हुई हैं। इसलिए “आधार से ऊपर” और “हाल में सुधरा” एक ही बात नहीं हैं।
सूचकांक बढ़ सकता है क्योंकि निर्यात कीमतें बढ़ीं, आयात कीमतें घटीं, या दोनों में बदलाव हुआ। गिरावट के पीछे भी कई संयोजन हो सकते हैं। केवल अंतिम अनुपात देखकर कारण तय नहीं किया जा सकता। निर्यात और आयात के अलग-अलग मूल्य सूचकांक, उनके उत्पाद-वर्ग, भार, मुद्रा और समय-सीमा देखकर समझें कि परिवर्तन कहाँ से आया।
मूल्य सूचकांक का हर आंदोलन व्यापार की मात्रा में उसी दिशा का आंदोलन नहीं होता। कीमतें बढ़ें लेकिन मात्रा घटे, तो निर्यात का कुल मूल्य स्थिर रह सकता है या नीचे आ सकता है। कीमतें घटें लेकिन खरीदी मात्रा तेजी से बढ़े, तो आयात बिल फिर भी बढ़ सकता है। इसलिए सूचकांक को मूल्य के संकेत के रूप में पढ़ें और कुल मूल्यों तथा मात्राओं के लिए अलग आँकड़े देखें।

मूल्य सूचकांक का उदाहरण: 109.1 का अर्थ
एक सरल काल्पनिक उदाहरण लें: संदर्भ अवधि में प्रतिनिधि निर्यात और आयात इकाइयों की कीमत समान मुद्रा में 100-100 है। बाद की अवधि में उन्हीं इकाइयों की कीमतें क्रमशः 120 और 110 मानें। इन कीमतों से बने आधार-100 सूचकांकों का अनुपात 100 × 120 ÷ 110 = लगभग 109.1 है। यह केवल समझाने के लिए बनाई गई स्थिति है; निर्यात की सापेक्ष कीमत आधार से करीब 9.1 प्रतिशत अधिक अनुकूल हुई। {source:oecdTermsOfTradeIndicator}
यह अनुपात मूल्य सूचकांक बताता है, लेन-देन की इकाइयाँ या कुल मूल्य नहीं। 109.1 से अकेले यह नहीं पता चलता कि कितना माल निर्यात या आयात हुआ। वास्तविक सूचकांक कई उत्पादों और भारों को समेट सकता है, इसलिए किसी प्रकाशित श्रृंखला को समझने के लिए उसकी कार्यविधि देखें।
आधार अवधि भी तुलना को प्रभावित करती है। अलग संदर्भ वर्ष से बने सूचकांकों के स्तर सीधे तुलनीय नहीं हो सकते। उत्पाद कवरेज और सामान्यीकरण की पद्धति जाँचें।
व्यापार संतुलन के लिए मूल्य और मात्रा दोनों चाहिए
अब उसी काल्पनिक उदाहरण की बाद की इकाई कीमतें, 120 और 110, समान मुद्रा और अवधि में लें। यदि 8 इकाइयाँ निर्यात और 11 इकाइयाँ आयात हों, तो निर्यात मूल्य 120 × 8 = 960 और आयात मूल्य 110 × 11 = 1,210 होगा। व्यापार संतुलन 960 − 1,210 = −250 है। सभी मान उदाहरण के लिए बनाए गए हैं। एक ही उदाहरण में ToT लगभग 109.1 है, जबकि अधिक आयात मात्रा के कारण व्यापार घाटा है।
यहाँ घाटे की गणना में मात्रा जोड़ी गई है; ToT अकेले −250 का परिणाम तय नहीं करता। सूचकांक सापेक्ष कीमत बताता है, जबकि कुल निर्यात और आयात मूल्य के लिए कीमत तथा मात्रा दोनों चाहिए। इसलिए अनुकूल मूल्य-अनुपात अधिशेष की गारंटी नहीं देता।
इन उदाहरणों का उद्देश्य दो गणनाओं का संबंध दिखाना है। किसी वास्तविक अर्थव्यवस्था के परिणाम निकालने के लिए वास्तविक कीमतों, मात्राओं, अवधि और कवरेज वाले संगत आँकड़े चाहिए।
सूचकांक और व्यापार संतुलन की कवरेज जाँचें
“व्यापार” किन वस्तुओं और सेवाओं को गिनता है, यह श्रृंखला के अनुसार बदलता है। अमेरिकी BEA की शब्दावली में वर्णित terms-of-trade माप वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात तथा आयात मूल्य सूचकांकों की तुलना करता है। BEA वस्तुओं के लिए अलग अनुपात और गैर-पेट्रोलियम वस्तुओं के लिए भी अलग अनुपात तैयार करता है। इसलिए केवल “अमेरिकी ToT” पढ़ना पर्याप्त नहीं; देखें कि कौन-सी श्रृंखला उद्धृत है। {source:beaTermsOfTradeGlossary}
World Bank के WDI में TT.PRI.MRCH.XD.WD नाम की श्रृंखला वस्तुओं के व्यापार की शर्तों से संबंधित है और उसकी कवरेज merchandise यानी भौतिक माल तक सीमित है। इसे BEA की वस्तु-और-सेवा वाली मुख्य परिभाषा के बराबर मानना उचित नहीं होगा। सेवाओं की कीमतें किसी वस्तु-सूचकांक में अपने-आप शामिल नहीं होतीं। {source:worldBankMerchandiseTermsOfTradeMetadata}
OECD का संकेतक ToT को निर्यात मूल्य सूचकांक और आयात मूल्य सूचकांक के अनुपात के रूप में समझाता है और अपना आधार वर्ष बताता है। किसी संकेतक की परिभाषा जान लेने से उसकी पूरी कवरेज स्वतः स्पष्ट नहीं होती। देश, उत्पाद समूह, सेवा-शामिल होने, मुद्रा, भार और संशोधन संबंधी नोट पढ़ें। अलग स्रोतों के अनुपातों को जोड़ने से पहले पक्का करें कि वे तुलनीय श्रृंखलाएँ हैं। {source:oecdTermsOfTradeIndicator}
मूल्य सूचकांक कैसे बनता है, यह भी मायने रखता है
मूल्य मापन की पद्धति देश और श्रृंखला के अनुसार अलग हो सकती है। कुछ सूचकांक प्रतिनिधि उत्पादों की कीमतों पर सर्वेक्षण करते हैं। कुछ उपलब्ध सीमा-शुल्क रिकॉर्ड से इकाई मूल्य निकालते हैं। कुछ श्रृंखलाएँ मूल्य-सर्वेक्षण और इकाई-मूल्य के तरीकों को मिलाती हैं। इसलिए हर ToT सूचकांक को एक ही तकनीक से बना हुआ न मानें। {source:imfExportImportPriceIndexManual}
इकाई मूल्य अक्सर किसी उत्पाद-वर्ग के कुल मूल्य को कुल मात्रा से भाग देकर मिलता है। यदि उस वर्ग में समय के साथ महँगे और सस्ते उत्पादों का अनुपात बदल जाए, तो औसत इकाई मूल्य बदलेगा, भले ही बिल्कुल समान वस्तु की कीमत उतनी न बदली हो। गुणवत्ता, मॉडल या उत्पाद-मिश्रण में बदलाव भी इसे प्रभावित कर सकता है। इसी कारण इकाई-मूल्य सूचकांक हमेशा शुद्ध कीमत परिवर्तन नहीं होता। {source:imfExportUnitValueManual}
इसका अर्थ यह नहीं कि हर उपलब्ध इकाई-मूल्य आँकड़ा बेकार है; अर्थ यह है कि उसे सावधानी से पढ़ना चाहिए। स्रोत की कार्यविधि, उत्पाद-वर्गों की बारीकी, भार, गुणवत्ता-समायोजन और संशोधन देखें। यदि तुलना में एक देश सर्वेक्षण-आधारित मूल्य सूचकांक और दूसरा मिश्रित विधि वाला सूचकांक उपयोग करता है, तो दोनों में अंतर वास्तविक कीमतों के साथ पद्धति का अंतर भी दिखा सकता है।
क्रय-शक्ति का संकेत, कल्याण या मुद्रा का फैसला नहीं
यदि निर्यात की निश्चित मात्रा बिक रही हो और ToT सुधरे, तो उस निर्यात से आयात की अधिक मात्रा खरीदने की क्षमता बढ़ सकती है—बाकी सब समान रहने पर। यह सापेक्ष कीमत का सीमित अर्थ है। वास्तविक आयात खरीदने के लिए निर्यात की मात्रा, प्राप्त भुगतान, विदेशी मुद्रा उपलब्धता, व्यापार की शर्तें और अन्य बाधाएँ भी मायने रखती हैं। सूचकांक यह सुनिश्चित नहीं करता कि परिवारों या कंपनियों को सचमुच अधिक आयात मिला।
एक बेहतर ToT को अपने-आप बढ़ता घरेलू कल्याण, सभी उपभोक्ताओं के लिए कम कीमत, या ऊँची आर्थिक वृद्धि नहीं समझना चाहिए। लाभ और लागत उत्पादों, क्षेत्रों, खरीदारों और विक्रेताओं में अलग-अलग बँटते हैं। उत्पादन लागत, रोजगार, आय वितरण, कर, परिवहन और वैश्विक मांग जैसे कारक अलग विश्लेषण माँगते हैं। मूल्य-अनुपात अकेला इन परिणामों का सारांश नहीं है।
ToT से मुद्रा की भविष्य की दिशा भी तय नहीं होती। विनिमय दर पर ब्याज दर, पूँजी प्रवाह, जोखिम, नीतियाँ, अपेक्षाएँ और कई अन्य कारक असर डालते हैं। ToT में सुधार या गिरावट के बावजूद मुद्रा अलग दिशा में जा सकती है; इस लेख का सूचकांक निवेश संकेत नहीं है। व्यापार प्रवाह और चालू खाते के व्यापक अंतर के लिए चालू खाता और व्यापार संतुलन देखें। उत्पादन और निवासियों की आय में फर्क GDP, GNI और GNP में समझाया गया है, जबकि ऋण-जीडीपी अनुपात किसी सार्वजनिक ऋण स्टॉक को उत्पादन के अनुपात में रखता है।
आम सवाल
Q1क्या ToT 100 से ऊपर होने का मतलब व्यापार अधिशेष है?
नहीं। 100 चुने हुए संदर्भ काल का आधार हो सकता है। व्यापार अधिशेष जानने के लिए एक ही अवधि और परिभाषा में कुल निर्यात मूल्य को कुल आयात मूल्य से तुलना करनी होगी।
Q2क्या बेहतर व्यापार की शर्तें हमेशा अधिक आयात कराती हैं?
नहीं। निश्चित निर्यात मात्रा के लिए आयात खरीदने की संभावित क्षमता बढ़ सकती है, बाकी सब समान रहने पर। वास्तविक आयात मात्रा आय, भुगतान, उपलब्धता, मांग और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
Q3क्या हर ToT सूचकांक केवल वस्तुओं की कीमतों से बनता है?
नहीं। कवरेज स्रोत पर निर्भर करती है। कुछ परिभाषाएँ वस्तुओं और सेवाओं दोनों को शामिल करती हैं, जबकि World Bank की बताई गई WDI श्रृंखला merchandise व्यापार के लिए है। श्रृंखला की कार्यविधि पढ़ें।
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सवाल 01
यदि निर्यात और आयात के मूल्य सूचकांक 120 और 110 हों तथा समान संदर्भ काल का आधार 100 हो, तो ToT लगभग कितना है?
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